Sawami Shri Shri 1008 Shri Bhajnanand Ji Shri Chetandas Ji Gow kunj

हमारे देश के जनमानस की भावना हैं गौ माता | जनमानस के लिए गौ माता का विशेष महत्व हैं | गुरु महाराज महंत संत महात्मा साधु ऋषि मुनि शास्त्र के अनुसार गाय को पूजना हमारा धार्मिक कर्तर्व्या हैं | गुरुओ ने गौ सेवा का महत्व बताते हुए कहा हैं जो गाय के दर्शन करता है जो गाय की सेवा करता है जो गाय का अनुसरण करता है उसे समस्त देवी देवताओं की पूजन दर्शन का फल प्राप्त होता है | महाताओ का कहना की गौ पशु नहीं देवी है | ऋषिओं ने कहा है गाय हमारी माता है उनकी सेवा करने से जीवन में उन्नति होती है | आयुर्वेद में गाय से प्राप्त होनी वाली वस्तुओ का प्रतयास्क/ अप्रतयास्क उपयोग आशादिया रोग के निवारण में उपयोगी हैं | विज्ञानं ने भी महत्त्व को माना हैं | विज्ञान के अनुसार जो व्यत्कि गाय के स्वर को प्रतिदिन श्रावण करता है मानसिक रोग से निवारण पाता है | गाय के गोबर से कक्ष में मानव शरीर को हानि पहुंचने किरणों प्रवेश नहीं हो पाता है शास्त्र कहता है गौ सेवा में दिया गया द्रव्य आपका सबसे सफलतम द्रव्य है | वर्तमान समय की स्थिति को आप देख, भोग, समझ रहे है हम उसे यहाँ स्थान नहीं देना चाहते अत धर्म के अनुशार किये जाने वाली सर्वश्रेत्र सेवा गौ सेवा कर जीवन सफल मानना चाहते है |

सांस्कृतिक योगदान

हमारी संस्कृति में देशी जीवमूल के गौवंश का प्राचीन समय से हमारी दिनचर्या में पालन पोषण का महत्व है अपवाद सवरूप ही कोई होगा जो गौग्रास गौ माता के निमित्त न रखता हो धर्म ग्रंथो में, संत प्रवचनों और चिकित्स्य प्रणाली में महत्व जग जाहिर है | गोपाष्ठमी, गौ पुत्र द्वादशी और गोवर्धन वह उत्सव है जो इसे प्रमाणित करते हैं | गौसेवा को सबसे उत्तम सेवा मन जाता है

आध्यात्मिक अनुभव

स्वामी श्री श्री १००८ श्री भजननन्द जी स्वामी श्री चेतनदास जी गोकुंज में गौसेवा करने से अत्यंत शांत, पवित्र और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण स्वस्छित का आभास होता है। यहाँ आने वाले गौसेवकों को देख शांति का अनुभव कर सकते हैं। वह मर्यादित हो अपनी सेवा कार्य में लगे रहने से सेवा करने का पूर्ण अवसर प्राप्त होता है | हमारे महाराज जी कहते है जीवन में जनम से मरण तक एक भी कार्य ऐसा नहीं है जो बिना गौमाता के सहयोग से पूर्ण होता हो |